रामगोपाल तोड़ रहे पार्टी, आयोग से मांग रहे दूसरा नाम- सिम्बलः मुलायम

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज सपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि रामगोपाल पार्टी तोड़ रहे हैं। चुनाव आयोग से अलग अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी और सिम्बल मोटर साइकिल मांग रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मेरे पास आप लोगों के अलावा कुछ नहीं है अाप लोग मेरा साथ दीजिये। मैं अपने साइकिल निशान को बचाने के लिये सब कुछ करने के लिये तैयार हूं। कहा कि रामगोपाल दूसरी पार्टी के अध्यक्ष से मिलकर हमारे खिलाफ साजिश कर रहे हैं। अगर हमसे कहते तो हम उनके बेटे बहू को बचा लेते। मगर गलत हाथों में खेल रहे हैं। मुलायम ने कहा कि हमने बहुत मेहनत से पार्टी खड़ी की है। कई बार खून बहाया और कई बार जेल भी गया। शिवपाल ने भी बहुत काम किया रात में छुप जाता था और दिन में प्रचार करता था। इन लोगों ने संघर्ष नहीं देखा अब भाजपा नेताओं से मिलकर साजिश रच रहा है।collag_mulayam_650_091516123024

मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी को टूटने नहीं देंगे और मैं पार्टी में एकता चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कोई पार्टी की एकता में बाधा न डाले। मुलायम आज दिल्ली भी जाएंगे।मुलायम ने कहा कि न हम अलग पार्टी बना रहे हैं, न पार्टी का निशान बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पास जो था वो सब देश का है और मेरे पास क्या है? आप सब है। उन्होंने कहा कि आपकी चिंता स्वाभाविक है क्योंकि समाजवादी पार्टी संघर्ष से बनी है। मैं दिल्ली गया था ताकि हमारी पार्टी की एकता में कोई बाधा ना डाल पाए। पार्टी की एकता के लिए हमने पूरा समय दिया है।

बताते चलें कि कल मुलायम ने मीडिया को संदेश भेजा था कि आज वह लोग जायें कल वह प्रेसवार्ता करेंगे। जिसके बाद माना जा रहा कि आज वह कुछ बड़ा डिसीजन ले सकते हैं। बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के विवाद में सुलह की गुंजाईश अभी नजर नहीं आ रही है। यूपी विधानसभा चुनाव में अब एक महीने का समय बचा हुआ है। वहीँ चुनाव की तैयारियों पर बात करें तो समाजवादी पार्टी अभी सबसे पीछे चल रही है।
गौरतलब है कि कल सपा प्रमुख और अखिलेश यादव के बीच एक घंटा बैठक चली थी। जिसके बाद ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि, कांफ्रेंस में सपा प्रमुख कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी में नेतृत्व से शुरू हुआ विवाद अब प्रभुता का झगड़ा बन गया है। पार्टी में मौजूदा समय में दो खेमे बने हुए हैं, एक खेमा मुलायम सिंह यादव और दूसरा अखिलेश यादव। दोनों ही खेमे पार्टी के नाम और सिंबल पर हक़ के लिए चुनाव आयोग के पास जा चुके हैं। इसके साथ ही चुनाव की तारीखों की भी घोषणा हो चुकी है।

सपा में मचे घमासन पर दर्जनों बैठकों के बाद भी कोई तस्वीर सामने निकल कर नहीं आ पायी है। लेकिन आज समाजवादी पार्टी के लिए काफी अहम दिन माना जा रहा है। क्योकि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह कुछ कड़े फैसले ले सकते है। यहीं वजह है कि कल उनके आवास के बाहर कवरेज कर रहे पत्रकारों को संदेश भेजवाया गया था कि वह बुधवार को औपचारिक बातचीत करेंगे। ऐसे में सूत्रों की माने तो अंदाजा लगा जा रहा है कि सपा में आर या पार की स्थिति पर फैसला हो सकता है। वहीं सूत्रों की माने तो अखिलेश मुलायम के हाथ से रेत की तरह निकल गए। उनके चरखा दांव को भांपते हुए अखिलेश ने साफ कर दिया कि चुनाव तक राष्ट्रीय अध्यक्ष वही रहेंगे। दिल्ली से लौटने के बाद मुलायम सिंह यादव ने नए तेवर के साथ चरखा दांव चलते हुए अचानक यूटर्न लिया और अखिलेश को सीएम का प्रत्याशी घोषित कर दिया

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