पेटीएम ने आधार आधारित ईकेवाईसी से भारत का सबसे बड़ा भुगतान नेटवर्क बनाया

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भारत के सबसे बड़े मोबाइल भुगतान और वाणिज्य मंच पेटीएम ने ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया को सुविधाजनक, कागज रहित और वास्तविक बनाने के लिए आधार आधारित ईकेवाईसी (नो योर कस्टमर) शुरू किया है। लेनदेन की स्थापना के लिए बैंकों और वॉलेट प्रदाताओं जैसी विनियमित संस्थाओं के लिए कुछ ग्राहक पहचान प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक हैं। यह प्रक्रियाएं केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिए) बनती है।

एक मूल दस्तावेज केवाईसी प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से ग्राहक के पहचान और पते के सबूत के मूल दस्तावेजों की पुष्टि करना, फार्म भरना, नवीनतम फोटो और पहचान और पते की प्रतियां जोड़ना और विवरण का सत्यापन, ग्राहक सूचना प्रबंधन प्रणाली में डेटा प्रविष्टि कराना होता है।

यह आधार आधारित प्रक्रिया पूरी तरह से, कागज रहित, त्वरित और सुरक्षित है। ग्राहक की पहचान को तुरंत फिंगरप्रिंट या आइरिस आधार डाटाबेस के सामने बायोमेट्रिक स्कैन के मिलान के आधार पर सत्यापित किया जाता है। जब ग्राहक उनके पेटीएम खाते को अपग्रेड करने के लिए अनुरोध करता है, तो वे उनके निकट के पेटीएम केंद्र का दौरा करना पसंद कर सकते हैं या अपने पसंदीदा पते पर पेटीएम एजेंट से मिलने का अनुरोध कर सकते हैं।

पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा, “हम अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में आधा अरब भारतीयों को लाने के लिए भारत का सबसे बड़ा ग्राहक नेटवर्क बना रहे हैं।”

 

अपने उपभोक्ताओं को बेजोड़ लचीलापन और सुविधा प्रदान करने के लिर पेटीएम ने भागीदारों, एजेंटों, कियोस्क, और तकनीकी समाधान का एक समृद्ध नेटवर्क बनाया हैं। एक अरब से अधिक आधार कार्ड जारी किए जाने के साथ पेटीएम का मानना है कि अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में 50 करोड़ भारतीयों को लाना मुख्य उद्देश्य है।

 

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